सोनिया का प्यार पाने के लिए राजीव गांधी ने दिया था रिश्वत!

सोनिया का प्यार पाने के लिए राजीव गांधी ने दिया था रिश्वत!


नीतीश पाठक

आज दिसम्बर 9 की तारीख हैं और आज ही के दिन देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की सर्वेसर्वा सोनिया गाँधी का जन्म दिन हैं.जी हा वही सोनिया गाँधी जिसने 20वीं सदी के आखिरी सालों में पतन के गर्त में जाती दिख रही कांग्रेस में दोबारा जान फूंककर उसे लगातार 10 साल तक देश की सत्ता में बैठाने का काम किया।

उन्होंने अपने जीवन के 73 साल का सफर ऐसे समय पर पूरा किया है, जब उनकी पार्टी अपने सबसे कमजोर मुकाम पर खड़ी है. कांग्रेस का जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है और संगठन बिखरा सा नजर आ रहा है. ऐसे में 'गांधी परिवार' के साथ-साथ कांग्रेस के नए वारिस की सोनिया गांधी की तलाश पूरी नहीं हो रही है. उनके जन्मदिन के मौके पर सोनिया गांधी और उनके पति दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा यहां हम आपसे साझा करेंगे।


कभी सोनिया गांधी के लिए राजीव ने नैपकिन पर कविता लिखी थी और वेटर के जरिए यह प्रेम पत्र उन तक पहुंचाया था। राजीव और सोनिया की कैंब्रिज की मुलाक़ातों का ज़िक्र मशहूर पत्रकार रशीद किदवई ने सोनिया पर लिखी जीवनी में भी किया है.रशीद क़िदवई बताते हैं, “यूनिवर्सिटी रेस्तराँ में रोज़ कैंब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रों का जमावड़ा लगता था। वो सब बियर पिया करते थे। उनमें से राजीव अकेले थे जो बियर को हाथ भी नहीं लगाते थे।तभी सोनिया की नज़र राजीव गांधी पर पड़ी थी।’ राजीव ने पहली बार एक नैपकिन पर उनके सौंदर्य पर एक कविता लिखकर एक वेटर के ज़रिए सोनिया की तरफ़ भिजवाई थी।

सोनिया उसे पाकर थोड़ी असहज हुई थीं लेकिन राजीव के एक जर्मन दोस्त ने, जो सोनिया को भी जानते थे, उन्होंने एक संदेशवाहक की भूमिका को बख़ूबी निभाया।”बताया जाता है कि सोनिया को देखते ही पहली नजर में राजीव को उनसे प्यार हो गया था। इतना ही नहीं, वो सोनिया के इस कदर दीवाने हो गए थे कि उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक से निवेदन किया था कि वो सोनिया को उनके पास वाली सीट ही दे। इस बात का जिक्र खुद रेस्टोरेंट के मालिक ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। उसने कहा था कि ‘जब मैंने राजीव से कहा कि यदि आप ऐसा चाहते है तो आपको इसके लिए दोगुना भुगतान करना होगा और वो तुरंत ही तैयार हो गए.राजीव गांधी ने खुद सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में कहा भी था कि ‘मैं सोनिया को पहली बार देखकर ही समझ गया था कि यहीं वो लड़की है जो मेरे लिए बनी है। वो काफी मिलनसार है और कभी कुछ नहीं छुपाती। राजीव और सोनिया की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की ये मुलाकात धीरे-धीरे बढ़ने लगी। दोनों के बीच तीन साल तक मुलाकात चली।’ सोनिया गांधी के भारत आने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है।



1968 में पहली बार सोनिया गांधी भारत आई थी लेकिन वो राजीव गांधी के घर में नहीं ठहरी थी। उस वक्त इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं। ऐसे में,सोनिया को अपने घर में रखना इंदिरा के लिए खतरे से खाली नहीं था। इसलिए सोनिया के रहने का इंतजाम अमिताभ बच्चन के घर में किया गया था !

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