#MSP को लेकर #किसानों को क्या बोले #PM_मोदी!

MSP को लेकर किसानों को क्या बोले PM मोदी!

नीतीश पाठक, 

18 दिसम्बर, 2020

कृषि कानूनों को लेकर देश में लगातार 23वें दिन किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के किसानों को किया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो काम 25 साल पहले होने थे, वो आज करने पड़ रहे हैं। किसानों की उन मांगों को पूरा किया गया है, जिन्हें बरसों से रोका गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिनकी राजनीतिक जमीन खिसक गई है, आज वो किसानों को डरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी दिया। कांग्रेस द्वारा की गई कर्जमाफी सबसे बड़ा धोखा है। इसका फायदा कांग्रेस के करीबियों और रिश्तेदारों को मिलता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष को पीड़ा इस बात की है कि मोदी ने कैसे कृषि कानूनों में सुधार कर दिया। उन्होंने कहा कि आप मुझे क्रेडिट मत दो, मैं केवल किसानों का भला चाहता हूं। किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर वार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि अब भी किसी को आशंका है, तो हम सिर झुकाकर-हाथ जोड़कर हर मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि एपीएमसी  को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है, हमने  एपीएमसी  को खत्म नहीं किया है सिर्फ किसानों को नया विकल्प दिया है. पिछले 70 साल से सरकार किसानों को कहती आई है कि आप इसी मंडी में फसल बेच सकते हो, लेकिन हमने नए कानून में इसे बदला है. अब किसान वहां फसल बेच सकता है, जहां उसे फायदा दिखे. पीएम मोदी ने कहा कि कई जगहों पर किसानों ने नए नियम के तहत अपनी फसल बेचना शुरू कर दिया है. 




पीएम मोदी ने कहा कि कृषि सुधार के बाद एक सबसे बड़ा झूठ एमएसपी पर  बोला जा रहा है. अगर एमएसपी  हमें हटानी होती तो स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू ही क्यों करते. हर बार हमारी सरकार  एमएसपी  की घोषणा करती है, ताकि किसानों को परेशानी ना हो. पीएम बोले कि हर किसान को ये भरोसा देता हूं कि पहले जैसे  एमएसपी  दी जाती थी, वैसे ही दी जाती रहेगी. 


पीएम मोदी बोले कि पिछली सरकार के वक्त गेहूं पर  एमएसपी  1400 थी, हमारी सरकार 1975 रुपये दे रही है. धान में पिछली सरकार 1310 रुपये दे रही है, हमारी सरकार 1870 दे रही है. पिछली सरकार ज्वार पर 1520 रुपये दे रही थी, हमारी सरकार 2640 रुपये दे रही है. पिछली सरकार मसूर दाल पर 1950 रुपये दे रही थी, 

पीएम मोदी ने बताया कि देश के कई राज्यों में पहले से ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एग्रीमेंट चल रहे हैं, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पंजाब की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में ऐसा ही एक कॉन्ट्रैक्ट किया था. हमने अब इसमें बदलाव किया है कि किसान से कॉन्ट्रैक्ट करने वाली कंपनी को अपना वादा पूरा करना होगा. 

संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि अगर कॉन्ट्रैक्ट करने वाले कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा, तब भी किसान को फायदा होगा. साथ ही अगर कोई गड़बड़ होती है, तो तुरंत एसडीएम से शिकायत कर किसान अपनी समस्या का हल निकलवा सकता है, कई किसान ऐसा कर भी चुके हैं. 

 पीएम ने कहा कि जो लोग किसानों को न एमएसपी  दे सके, न एमएसपी  पर ढंग से खरीद सके, वो एमएसपी  पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।मेरी इस बातों के बाद भी, सरकार के इन प्रयासों के बाद भी, अगर किसी को कोई आशंका है तो हम सिर झुकाकर, हाथ जोड़कर, बहुत ही विनम्रता के साथ, देश के किसान के हित में, उनकी चिंता का निराकरण करने के लिए, हर मुददे पर बात करने के लिए तैयार हैं.अभी 25 दिसंबर को, श्रद्धेय अटल जी की जन्मजयंती पर एक बार फिर मैं इस विषय पर और विस्तार से बात करूंगा। उस दिन पीएम किसान सम्मान निधि की एक और किस्त करोड़ों किसानों के बैंक खातों में एक साथ ट्रांसफर की जाएगी।

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